धरकता था दिल मेरा पहले भी,
पर यूँ धड़कता न था।
मचलता था दिल मेरा पहले भी,
पर यूँ बहकता न था।
रुत की हवाएँ बदलती थीं,
पर यूँ बदलता न था।
धरकता था दिल मेरा पहले भी,
पर यूँ धड़कता न था।
जब से तेरी नज़रें मिली हैं,
सपनों में रंग नए खिले हैं।
चाँद भी फीका लगता है अब,
तेरे चेहरे के आगे सनम।
दिल ने लिखी हैं नई दास्ताँ,
ऐसा कभी लगता न था।
धरकता था दिल मेरा पहले भी,
पर यूँ धड़कता न था।
तेरी हँसी में जादू ऐसा,
खो जाए दिल का हर रास्ता।
तेरे ख्यालों की बारिश में,
भीग रहा है मन बावरा।
प्यार का ये एहसास मुझे,
पहले कभी होता न था।
मचलता था दिल मेरा पहले भी,
पर यूँ बहकता न था।
साथ अगर तू चल दे मेरे,
महक उठें ये राहें सारी।
हर पल तेरा नाम लबों पर,
बन जाए मेरी दुनिया प्यारी।
रब से दुआ है बस इतनी,
तुझसे जुदा होना न पड़े।
रुत की हवाएँ बदलती थीं,
पर यूँ बदलता न था।
तेरे प्यार ने ऐसा छुआ,
दिल को नया जहाँ मिल गया।
जो सपना था बरसों से मेरा,
तेरी बाँहों में आकर सजा।
धरकता था दिल मेरा पहले भी,
पर यूँ धड़कता न था।
मचलता था दिल मेरा पहले भी,
पर यूँ बहकता न था। ❤️🎶